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Faridabad ki local news : फरीदाबाद के गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 22 कमरे जर्जर हो चुके हैं. इन कमरों को कंडम घोषित कर दिया गया है. इस समय नॉर्थ विंग में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं लग रही हैं. यहां 10 से 12 कमरे पूरी तरह सुरक्षित हैं. छठी से 10वीं तक के छात्रों को बगल में बने साउथ विंग में शिफ्ट कर दिया गया है. पुरानी बिल्डिंग के हिस्से को खाली कर दिया गया है. बच्चों को सिर्फ उन्हीं कमरों में बैठाया जाता है जो पूरी तरह सुरक्षित हैं. स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण तेजी से चल रहा है. अगले साल अप्रैल तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है.
फरीदाबाद. तिकोना पार्क स्थित गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल की पुरानी इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. फरीदाबाद के इस स्कूल के करीब 22 कमरों को कंडम घोषित कर दिया गया है और वहां किसी भी छात्र या शिक्षक के जाने पर रोक है. हालांकि राहत की बात यह है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल प्रशासन ने पहले ही सुरक्षित व्यवस्था कर दी है. अब 11वीं और 12वीं के छात्रों की कक्षाएं सुरक्षित कमरों में चल रही हैं, जबकि छठी से 10वीं तक के छात्रों को पास के साउथ विंग में शिफ्ट कर दिया गया है. नई बिल्डिंग का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिसके अगले साल अप्रैल तक तैयार होने की उम्मीद है. लोकल 18 से पीएल शर्मा बताते हैं कि मैं तिकोना पार्क विद्यालय का इंचार्ज हूं. स्कूल में कुल करीब 1400 छात्र पढ़ते हैं. इनमें लगभग 700 बच्चे नॉर्थ विंग में और 700 बच्चे साउथ विंग में पढ़ाई कर रहे हैं. मैंने बच्चों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा गया है, इसलिए किसी भी छात्र को जर्जर कमरों में नहीं बैठाया जाता.
टीन की चादरों से बैरिकेडिंग
पीएल शर्मा बताते हैं कि स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को डिमोलिश घोषित कर दिया गया है. जो कमरे और बरामदे बिल्कुल जर्जर हैं पूरे उस एरिया को टीन की चादरों से बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि कोई बच्चा या शिक्षक गलती से भी उस तरफ न जाए. जिस हिस्से की बिल्डिंग खराब है, वहां पूरी तरह आवाजाही बंद कर दी गई है और सिर्फ सुरक्षित कमरों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है. इस समय नॉर्थ विंग में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं लग रही हैं. यहां 10 से 12 कमरे पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिनमें बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है. छठी से 10वीं तक के छात्रों को बगल में बने साउथ विंग में शिफ्ट कर दिया गया है. कमरों की कमी होने के कारण यह फैसला लिया गया, लेकिन किसी भी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकी है.
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
पीएल शर्मा बताते हैं कि स्कूल में करीब 22 कमरे पूरी तरह कंडम हो चुके हैं. यही वजह है पुरानी बिल्डिंग के हिस्से को खाली कर दिया गया है. बच्चों को सिर्फ उन्हीं कमरों में बैठाया जाता है जो पूरी तरह सुरक्षित हैं. स्कूल प्रशासन लगातार इस बात का ध्यान रख रहा है कि किसी भी छात्र की सुरक्षा से कोई समझौता न हो. स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि अगले साल अप्रैल तक इसका काम पूरा हो जाएगा. नई बिल्डिंग बनने के बाद सभी छात्रों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं वाले नए कमरों में पढ़ाई का मौका मिलेगा. इससे बच्चों को पहले से बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलेंगी.
पीएल शर्मा बताते हैं कि स्कूल में बच्चों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है. हाल ही में नया वाटर कूलर लगाया गया है और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. फिलहाल स्कूल में पढ़ रहे सभी बच्चे सुरक्षित हैं और पढ़ाई पहले की तरह रोजाना चल रही है. नई बिल्डिंग तैयार होने के बाद छात्रों को और बेहतर माहौल मिलेगा.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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