अगर किसी की मौत हो जाए तो…? फरीदाबाद के इस गांव में लोगों के सामने बड़ा संकट, वजह जान रह जाएंगे हैरान

On: August 7, 2026 5:06 PM
Follow Us:

Last Updated:

Faridabad News: फरीदाबाद के एक गांव में ऐसी समस्या आ गई है कि लोगों का अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के समय यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

फरीदाबाद: बारिश ने फरीदाबाद के कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन मंझावली गांव के लोगों की परेशानी कुछ अलग ही है. यहां सिर्फ सड़कें ही नहीं टूटी हैं, बल्कि गांव का श्मशान घाट भी पानी में डूबा हुआ है. हालात ऐसे हैं कि अगर गांव में किसी की मौत हो जाए तो अंतिम संस्कार कैसे होगा, यही सवाल ग्रामीणों को परेशान कर रहा है. श्मशान घाट में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है और वहां तक पहुंचने का रास्ता भी पूरी तरह खराब हो चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के समय यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया.

Local18 से बातचीत में मंझावली गांव के निवासी अनिल कुमार बताते हैं कि गांव के बुजुर्गों का कोई भरोसा नहीं होता कि कब किसके साथ क्या हो जाए. ऐसे में सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर किसी की मौत हो जाए तो अंतिम संस्कार कहां किया जाए. इस समय यमुना का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है और श्मशान घाट में करीब तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है. वहां न कोई आसानी से जा सकता है और न ही किसी शव को लेकर पहुंचा जा सकता है.

अवैध तरीके से मिट्टी की खुदाई
अनिल कुमार बताते हैं कि अभी तो सिर्फ बारिश का पानी भरा है, लेकिन जब यमुना में बाढ़ आती है तो पूरा श्मशान घाट पानी में डूब जाता है. अनिल कुमार का आरोप है कि ठेकेदार ने रास्ते के पास अवैध तरीके से मिट्टी की खुदाई कर दी, जिससे रास्ता नीचे हो गया. अब बारिश का पानी सीधे श्मशान घाट में आकर भर जाता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं.

अनिल कुमार बताते हैं कि मंझावली गांव की आबादी करीब पांच हजार है और तीन हजार से ज्यादा वोटर हैं. गांव के श्मशान घाट में दो शेड बने हुए हैं. एक शेड पिछले सरपंच ने बनवाया था, जबकि दूसरा मौजूदा सरपंच के कार्यकाल में बना है. लेकिन सिर्फ शेड बना देने से समस्या खत्म नहीं होती. सबसे बड़ी दिक्कत पानी भरने की है. अगर श्मशान घाट में मिट्टी का भराव कर दिया जाए और इसकी ऊंचाई बढ़ा दी जाए तो पानी नहीं रुकेगा और लोगों को राहत मिल जाएगी.

प्रशासन की ओर से सवाल
अनिल कुमार बताते हैं कि बारिश के दिनों में श्मशान घाट की हालत किसी तालाब जैसी हो जाती है. न अंदर जाने का रास्ता बचता है और न ही अंतिम संस्कार करना संभव हो पाता है. मजबूरी में लोग दूसरे स्थानों पर अंतिम संस्कार करने की सोचते हैं तो प्रशासन की ओर से सवाल उठाए जाते हैं कि निर्धारित श्मशान घाट का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया. ऐसे में ग्रामीण खुद को दोहरी परेशानी में फंसा हुआ महसूस करते हैं.

अनिल कुमार बताते हैं कि करीब दो बीघे में बने इस श्मशान घाट में अगर पंचायत की ओर से मिट्टी डलवा दी जाए, पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाए और नियमित साफ-सफाई कराई जाए तो यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है. इस बारे में कई बार सरपंच से भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन और पंचायत जल्द इस ओर ध्यान दें, ताकि किसी परिवार को दुख की घड़ी में और ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े.

About the Author

authorimg

आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now