फरीदाबाद: सावन महीने के साथ ही हरिद्वार, गंगोत्री, गोमुख और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. फरीदाबाद से भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों का गुजरना शुरू हो गया है. इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर सुरक्षा तक कई इंतजाम किए हैं. 11 अगस्त तक दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है और पैदल कांवड़ियों व डाक कांवड़ के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं. लेकिन जिस आगरा कैनाल रोड को पैदल कांवड़ियों का प्रमुख मार्ग बनाया गया है, वहां अब भी कई ऐसी कमियां हैं, जो यात्रा के दौरान परेशानी का कारण बन सकती हैं.
आगरा कैनाल रोड पर टूटी बाउंड्री और गंदगी
Local18 की टीम ने आगरा कैनाल रोड का जायजा लिया तो कई जगहों पर नहर किनारे की बाउंड्री टूटी मिली. रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. कई स्थानों पर बिजली के तार लटके हुए हैं, सड़क पर आवारा पशु घूमते नजर आए और कुछ जगहों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे बदबू भी आती है. नहर में इन दिनों पानी का बहाव तेज है और यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने कई तैयारियां की हैं, लेकिन इस मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर अभी और काम किए जाने की जरूरत है.
लंबे समय से सड़क किनारे पड़ी है गंदगी
स्थानीय निवासी आईब्रेन लाल बताते हैं कि इस रास्ते पर गंदगी लंबे समय से पड़ी रहती है. मैं सेक्टर-86 में रहता हूं, लेकिन जब भी इस रास्ते से गुजरते हैं तो यही हाल दिखाई देता है. अब इसी मार्ग से हजारों कांवड़िए गुजरेंगे, इसलिए सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
रात में रोशनी की व्यवस्था नहीं
स्थानीय निवासी अवधेश बताते हैं कि लोग पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ लेकर आते हैं, लेकिन जिस रास्ते से उन्हें गुजरना पड़ रहा है, उसकी हालत ठीक नहीं है. जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, बदबू आती है और रात में लाइट की व्यवस्था नहीं है. सड़क पर लाइट लगनी चाहिए और रोज सफाई कराई जानी चाहिए, ताकि कांवड़ यात्रियों को साफ और सुरक्षित रास्ता मिल सके.
टूटी बाउंड्री से हादसे का खतरा
स्थानीय निवासी छोटू बताते हैं कि हर साल इस मार्ग पर यही स्थिति देखने को मिलती है. नहर की बाउंड्री कई जगह से टूटी हुई है और आसपास कचरा पड़ा रहता है. इतनी बड़ी धार्मिक यात्रा से पहले प्रशासन को इस मार्ग की मरम्मत और सफाई जरूर करानी चाहिए.
कांवड़ यात्रा तक बाजार दूसरी जगह लगाने की मांग
स्थानीय निवासी कमलेश बताती हैं कि इस मार्ग पर साप्ताहिक बाजार भी लगता है, जिससे काफी भीड़ हो जाती है. जब तक कांवड़ यात्रा चल रही है, तब तक इस बाजार को दूसरी जगह लगाया जाना चाहिए. इससे श्रद्धालुओं को आसानी से निकलने का रास्ता मिलेगा और भीड़ के कारण कांवड़ खंडित होने का खतरा भी कम रहेगा. कमलेश बताती हैं कि लोग नहर किनारे कचरा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और बढ़ जाती है.
मजबूत सुरक्षा इंतजाम की जरूरत
स्थानीय निवासी विजय बताते हैं कि इस रास्ते पर गंदगी के साथ-साथ रोशनी की भी समस्या है. नहर की बाउंड्री कई बार बन चुकी है, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से फिर टूट जाती है. प्रशासन को इस बार मजबूत सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए, टूटी हुई बाउंड्री की घेराबंदी करनी चाहिए और पूरे मार्ग पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके.











