Haryana News: हरियाणा के सिरसा में अनोखे तरीके से ठगी के मामले आ रहे हैं। लोगों से ठगी करने के लिए साइबर ठग एआई वॉइस क्लोनिंग का तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। शातिरों के इस तरीके से लोगों को सावधान करने के लिए इलाके के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने एडवाइजरी जारी की है।
क्या है वॉइस क्लोनिंग
इसमें साइबर क्रिमिनल किसी व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल तैयार कर उसके रिश्तेदार, दोस्त या परिचित बनकर फोन कर सकते हैं।
एसपी ने किया सावधान
एसपी दीपक सहारन ने कहा कि फोन पर किसी परेशानी का हवाला देकर तत्काल पैसों की जरूरत बताकर ठगी का प्रयास किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने आमजन को सावधान करते हुए कहा कि यदि किसी परिचित या रिश्तेदार की आवाज में फोन आए और वह अचानक पैसों की मदद मांगे, तो जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। पहले संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे नंबर पर संपर्क कर बात की पुष्टि करें। खासकर यदि फोन करने वाला तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाए तो अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
आवाज की नकल आसान
एडवाइजरी में एसपी ने कहा कि आज के समय में तकनीक के जरिए आवाज की नकल तैयार करना संभव है। इसलिए केवल आवाज पहचानकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। फोन पर बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी भी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग एप के जरिए भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।
ठगी हो जाए तो यहां करें कॉल
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। नजदीकी थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क पर भी शिकायत दी जा सकती है। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की सूचना जितनी जल्दी पुलिस तक पहुंचेगी, ठगी की रकम को रोकने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी।














