Haryana Cabinet Meeting: हरियाणा में सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हरियाणा कैबिनेट की करीब छह घंटे लंबी बैठक में 27 एजेंडों पर चर्चा के बाद कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने युवाओं, कर्मचारियों, उद्योग, परिवहन और महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
सबसे बड़ा फैसला BC-A और BC-B वर्ग के नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्रों को लेकर लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि 23 जुलाई 2024 से पहले जारी प्रमाणपत्र वर्ष 2024-25 के लिए पूरी तरह मान्य होंगे। यह निर्णय HPSC द्वारा आयोजित 3069 PGT भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में लिया गया है। सरकार ने कहा कि नई अधिसूचना में केवल क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए की गई थी, जबकि पात्रता श्रेणी में कोई बदलाव नहीं हुआ।
कैबिनेट ने NCR क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाते हुए फैसला किया कि 1 जनवरी 2026 से ऐप आधारित टैक्सी और डिलीवरी कंपनियां केवल CNG, इलेक्ट्रिक या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को ही शामिल कर सकेंगी। यह नियम गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर और नूंह सहित NCR जिलों में लागू होगा। सरकार ने हर वाहन में GPS, पैनिक बटन, फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य करने का भी निर्णय लिया है।
सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए कैबिनेट ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) चुन चुके कर्मचारियों को एक बार फिर NPS में लौटने का विकल्प देने का फैसला किया। यह विकल्प रिटायरमेंट से एक वर्ष पहले तक ही उपलब्ध रहेगा।
उद्योग क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित औद्योगिक इकाइयों को नियमित करने की नीति में संशोधन किया गया है। अब 10 एकड़ क्षेत्र और कम से कम 50 इकाइयों वाले क्लस्टर इस योजना के पात्र होंगे। सरकार का दावा है कि इससे हजारों उद्योगों को कानूनी मान्यता और आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को डेयरी स्थापित करने हेतु 500 वर्ग गज तक पंचायत भूमि पट्टे पर देने को मंजूरी दी गई है। शुरुआती पट्टा पांच वर्ष का होगा, जिसे बाद में तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
शिक्षा विभाग में फील्ड कैडर के पद अब केवल प्रमोशन और डेपुटेशन से भरे जाएंगे। वहीं उच्चतर शिक्षा विभाग में अधीक्षक पद के लिए नए सेवा नियम लागू किए गए हैं। सरकार ने विभिन्न आर्काइव्स और रिकॉर्ड मैनेजमेंट डिप्लोमा को भी मान्यता प्रदान की है।
कैबिनेट ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के विस्तार को मंजूरी देते हुए इसकी लागत 5,452.72 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपए कर दी है। सेक्टर-5 स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक 1.80 किलोमीटर लंबी मेट्रो स्पर लाइन का निर्माण भी किया जाएगा। सेक्टर-33 में नया डिपो विकसित होगा।
इसके अलावा हिसार एयरपोर्ट पर विकसित किए जा रहे IMC प्रोजेक्ट के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। सरकार के अनुसार इससे करीब 132 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी।
FDA विभाग में प्रशासनिक सुधार के तहत पदों की संख्या 582 से बढ़ाकर 1,424 करने का निर्णय लिया गया है। विभाग को ड्रग, फूड और एडमिनिस्ट्रेटिव विंग में विभाजित किया जाएगा।
मेवात क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए विशेष भर्ती प्रावधान को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने सुझाव दिया कि ‘शेष हरियाणा कैडर’ में चयनित उम्मीदवारों के बाद मेरिट सूची में आने वाले अगले पात्र अभ्यर्थियों को मेवात कैडर के रिक्त पदों पर नियुक्त किया जाए।
धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। चुलकाना धाम के विकास और प्रबंधन के लिए “हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम श्राइन अध्यादेश, 2026” के मसौदे को मंजूरी देते हुए श्राइन बोर्ड गठन का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2026 को भी मंजूरी दी, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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