अंबाला: एक तरफ नशे की लत युवाओं के सपनों को धीरे-धीरे खत्म कर रही है, तो दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने इस चुनौती को अपनी जिम्मेदारी बना लिया है. अंबाला छावनी के गांव बोह निवासी प्रवीण पुंडीर भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं, जो युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए हर सुबह और शाम खेल के मैदान में नि:शुल्क फिजिकल ट्रेनिंग देते हैं. उनकी मेहनत की बदौलत गांव के दर्जनों युवा सेना और पुलिस की वर्दी पहनकर देश सेवा कर रहे हैं.
रोजाना 80 से ज्यादा युवा लेते हैं नि:शुल्क प्रशिक्षण
गांव बोह का खेल मैदान हर सुबह और शाम जोश, अनुशासन और सपनों की उड़ान का गवाह बनता है. यहां प्रवीण पुंडीर रोजाना युवाओं को नि:शुल्क शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं. उनके पास प्रतिदिन करीब 50 लड़के और 30 लड़कियां ट्रेनिंग लेने पहुंचते हैं. प्रशिक्षण के दौरान फिजिकल फिटनेस के साथ-साथ एथलेटिक्स, लॉन्ग जंप, हाई जंप, शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और रनिंग हर्डल्स जैसी प्रतियोगी गतिविधियों का अभ्यास भी कराया जाता है, ताकि युवा सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की भर्तियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें.
20 साल सेना में सेवा के बाद शुरू की नई पहल
लोकल 18 से बातचीत में प्रवीण पुंडीर ने बताया कि वर्ष 1995 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए थे. करीब 20 वर्षों तक देश सेवा करने के बाद वर्ष 2015 में हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए. इसके बाद उन्होंने पुलिस विभाग में एसपीओ के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई. वर्ष 2017 में उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया.
उन्होंने बताया कि अक्सर गांव के कई युवाओं को नशे की गिरफ्त में फंसते देखकर उन्हें काफी दुख होता था. तभी उन्होंने फैसला किया कि यदि युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ा जाए तो उन्हें नशे और गलत संगत से बचाया जा सकता है. इसी सोच के साथ उन्होंने गांव के मैदान में नि:शुल्क प्रशिक्षण शुरू किया.
70 से 80 युवा बन चुके हैं सेना और पुलिस का हिस्सा
प्रवीण पुंडीर ने बताया कि शुरुआत में मैदान में बहुत कम बच्चे आते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई. आज उनकी अकादमी से प्रशिक्षण लेकर करीब 70 से 80 युवा-युवतियां भारतीय सेना, दिल्ली पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और हरियाणा पुलिस में भर्ती हो चुके हैं.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वह रोजाना 70 से 80 युवाओं को सुबह और शाम प्रशिक्षण देते हैं. इस दौरान महिला प्रशिक्षक सपना भी उनके साथ प्रशिक्षण में सहयोग करती हैं.
‘फेयरलेस फिजिकल एंड स्पोर्ट्स अकादमी’ से तैयार हो रहे खिलाड़ी
प्रवीण पुंडीर ने बताया कि उन्होंने अपने फिटनेस संगठन का नाम फेयरलेस फिजिकल एंड स्पोर्ट्स अकादमी रखा है. इस अकादमी से जुड़े कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत चुके हैं.
उन्होंने बताया कि पूरी ट्रेनिंग नि:शुल्क दी जाती है. खेल उपकरणों के लिए बच्चे आपस में सहयोग करके राशि जुटाते हैं. वहीं, जिन युवाओं का सरकारी नौकरी में चयन हो जाता है, वे अपनी इच्छा से अकादमी के लिए आर्थिक सहयोग भी करते हैं.
युवाओं ने बताया कैसे बदली जिंदगी
ट्रेनिंग लेने पहुंचे आकाश ने बताया कि प्रवीण पुंडीर से प्रशिक्षण लेने के बाद वह हरियाणा पुलिस का फिजिकल टेस्ट पास कर चुके हैं और जल्द ही उनका सपना पूरा होने वाला है. उन्होंने कहा कि एक पूर्व सैनिक से प्रशिक्षण मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है और आज इसी प्रशिक्षण की बदौलत सैकड़ों युवा सेना और पुलिस में देश सेवा कर रहे हैं.
वहीं खिलाड़ी स्मृति ने बताया कि उन्हें अपने ही गांव में एक बड़ी स्पोर्ट्स अकादमी जैसी सुविधाएं बिल्कुल नि:शुल्क मिल रही हैं. हाल ही में वह इस प्रशिक्षण की बदौलत सीबीएसई नेशनल गेम्स में भी हिस्सा ले चुकी हैं. उन्होंने कहा कि जहां बड़ी-बड़ी अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए मोटी फीस ली जाती है, वहीं यहां मुफ्त में बेहतरीन ट्रेनिंग मिल रही है. उनका सपना एक सफल खिलाड़ी बनकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करना है, इसलिए वह रोज सुबह और शाम नियमित रूप से अभ्यास करने आती हैं.












