झज्जर. कंबोडियन दुल्हन के लिए जेल के दरवाजे खुल गए. चार बच्चों के साथ विदेश से भारत आई मेटाचान ने गैंगस्टर से भारतीय रिति-रिवाज में शादी की. मामला हरियाणा के झज्जर का है और इस शादी की खासी चर्चा भी देखने को मिली. क्योंकि शादी में अधिकतर बाराती पुलिस वाले थे.
दरअसल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झज्जर जिले के बादली के गैंगस्टर मैनपाल का विवाह दुलीना स्थित एक फार्म हाउस में हुआ. गुरुवार को सादे वैवाहिक समारोह में मैनपाल ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कंबोडिया की रहने वाली महिला मेटाचान के साथ फेरे लिए और परिणय सूत्र में बंध गए.
विवाह समारोह स्थल को पुलिस सुरक्षा के घेरे में रखा गया था. समारोह में आने-जाने वाले रिश्तेदारों की पुलिस द्वारा बारीकी से जांच की गई. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मीडिया को भी समारोह स्थल के अंदर जाकर कवरेज करने की अनुमति नहीं दी गई. पुलिस की मौजूदगी पूरे समारोह के दौरान बनी रही. समारोह में शामिल रिश्तेदारों के लिए विभिन्न प्रकार के पकवान तैयार करवाए गए और करीब 500 से 600 लोगों के भोजन का इंतजाम किया गया था विवाह के कार्ड के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे लंच, दोपहर 2 बजे घुड़चढ़ी और दोपहर 3 बजे बारात रवाना हुई.
विवाह समारोह के दौरान मैनपाल की मां रोशनी अपनी बहू मेटाचान को पारंपरिक वेशभूषा में देखकर काफी खुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि करीब 8 साल बाद उन्हें अपने बेटे मैनपाल से मिलने का मौका मिला है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मेटाचान जल्द ही परिवार के साथ घुल-मिल जाएगी. कंबोडिया से आई मेटाचान अब हरियाणवी दुल्हन के रूप में नजर आईं. मेटाचान की दुल्हन के रूप में पहली तस्वीर सामने आई है. सरारा-गरारा पहनकर मेटाचान परिवार के साथ खुशी के माहौल में दिखाई दीं.
सासू मां रोशनी ने हरियाणवी तरीके से दिया आशीर्वाद
मेटाचान की सासू मां रोशनी ने बहू को हरियाणवी रीति-रिवाज के अनुसार आशीर्वाद दिया. इस दौरान उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “आज खुशी है, बहू घर आई है.” परिवार के लोगों के बीच शादी को लेकर खुशी का माहौल बना हुआ है.दुल्हन मेटाचान के परिवार और करीबी लोग मौजूद हैं. दुल्हन मेटाचान ने बताया- बहुत खुशी महसूस हो रही है. बातचीत में मेटाचान ने शादी को लेकर अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत खुशी महसूस हो रही है और सब कुछ ठीक है. उन्होंने अपने परिवार और माता-पिता के खुश होने की बात भी कही. मेटाचान ने बातचीत के दौरान अपने चार बच्चों का भी जिक्र किया. उन्होंने बच्चों के नाम बाहुबली, भगत, आस्था और वंदना बताए. मेटाचान के अनुसार तीन बच्चे साथ लाई है. एक बेटी कंबोडिया में ही है और उससे लगातार फोन पर संपर्क में हैं, उनसे बातचीत करते रहते हैं.
गैंगस्टर मैनपाल पैरोल मिलने के बाद कंबोडिया भाग गया था.
शादी समारोह को लेकर फार्महाउस के आसपास पुलिस की कड़ी निगरानी है. आने वाले मेहमानों की एंट्री पर भी नजर रखी जा रही है और पहचान संबंधी जानकारी दर्ज की जा रही है. गैंगस्टर की मां ने कहा कि बहू जल्द ही परिवार में घुल मिल जाएगी. वहीं, मेटाचान ने कहा कि वह पति मैनपाल और अपने ससुराल वालों के साथ खुशी से रहना चाहती हैं.
मैनपाल को कड़ी सुरक्षा में लाया गया था
हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बादली निवासी मैनपाल ढिल्ला की गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शादी संपन्न हुई. मैनपाल ढिल्ला को विवाह समारोह में शामिल होने के लिए 12 घंटे की पैरोल मंजूर हुई थी. निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह सुबह करीब 8 बजे जेल से बाहर आया और शाम 8 बजे तक जेल लौट गया. पैरोल की अवधि सीमित होने के कारण विवाह की रस्में भी निर्धारित समय के अनुसार पूरी कराई गईं.
मैनपाल और मेटाचान के चार बच्चे हैं.
2013 में सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा
बादली निवासी मैनपाल ढिल्ला वर्ष 2007 में बहादुरगढ़ सदर थाने में दर्ज मामले में हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र जैसे अपराधों में दोषी ठहराया गया था. वर्ष 2013 में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके अलावा भी वह दो अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. मैनपाल ढिल्ला को 17 जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल मिली थी. पैरोल अवधि पूरी होने के बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और विदेश फरार हो गया. बाद में उसके कंबोडिया में रहने की जानकारी सामने आई. वहीं, उसकी मुलाकात मेटाचान से हुई थी.
कंबोडिया में उसकी मुलाकात मेटाचान के साथ हो गई.
2025 में भारत लाया गया था मैनेपाल
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 6 नवंबर 2024 को इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया था. इसके बाद कंबोडियाई अधिकारियों के सहयोग से उसे 24 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया. करीब डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर 2025 को उसे कंबोडिया से भारत लाया गया. इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहा है. अब निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे अपनी शादी में शामिल होने के लिए 12 घंटे की पैरोल दी गई.












