फरीदाबाद: दिल्ली आगरा सिंचाई नहर फरीदाबाद से होते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा तक गई है. यह नहर सिंचाई के लिए बनाई गई है, लेकिन अब लोग इस नहर में जाकर खुदकुशी करने लगे हैं. पिछले कुछ सालों में फरीदाबाद में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है. घर में छोटी सी बात को लेकर विवाद होता है और लोग नहर में जाकर छलांग लगा देते हैं और अपनी जान गंवा देते हैं. छोटी मोटी बात पर विवाद होने के बाद लोग अपनी जिंदगी खत्म कर लेते हैं और ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं.
अब स्थानीय लोगों की मांग है कि नहर के किनारे घेराबंदी की जाए. उनका कहना है कि अगर नहर के दोनों तरफ सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं तो लोग आसानी से इसमें छलांग नहीं लगा पाएंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाना चाहिए. आइए जानते हैं स्थानीय लोग इस पूरे मामले पर क्या बताते हैं.
छह महीने में सैकड़ों लोगों की मौत का दावा.
छह महीने में सैकड़ों लोगों की मौत का दावा
Local18 से बातचीत में स्थानीय निवासी बबलू हुड्डा बताते हैं कि यह आगरा कैनाल नहर है. पीछे से यह कालिंदी कुंज से निकलती है और आगरा तक जाती है. दिल्ली से निकलकर हरियाणा में इसका क्षेत्र कर्मन बॉर्डर तक है, उसके बाद यह उत्तर प्रदेश में चली जाती है. बबलू हुड्डा बताते हैं कि अगर फरीदाबाद में पिछले 6 महीने का आंकड़ा निकाला जाए तो करीब सैकड़ों लोगों ने इस नहर में आत्महत्या की है. आज के समय में मानसिक तनाव की समस्या भी बढ़ रही है. घर में थोड़ी सी भी बात होती है और लोग नहर में आकर छलांग लगा देते हैं.
बबलू हुड्डा ने प्रशासन से अपील की है कि इन घटनाओं को रोका जाए. नहर के किनारों पर करीब 15 फीट ऊंची तार की फेंसिंग लगाई जाए, ताकि कोई आसानी से नहर में कूद न सके. फेंसिंग ऐसी होनी चाहिए, जिस पर चढ़ने का कोई रास्ता न हो. जैसे बॉर्डर को सील किया जाता है, वैसे ही नहर के किनारों को भी सुरक्षित किया जाना चाहिए. सरकार से मेरी मांग है कि नहर के दोनों तरफ तार से घेराबंदी की जाए.
नहर किनारे ऊंची दीवार लगाने की मांग उठी
विकास बताते हैं कि इस नहर में कोई न कोई व्यक्ति आत्महत्या करने की कोशिश करता रहता है. नहर के साइड में करीब 15 फीट ऊंची चारदीवारी होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. शुभम बताते हैं कि इस नहर में लोग लगातार खुदकुशी करते रहते हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नहर के किनारे दीवार लगाई जानी चाहिए.
सिंचाई की नहर अब बन गई आत्महत्या पॉइंट
आकाश बताते हैं कि जिस नहर का पानी कभी सिंचाई के लिए दिया जाता था, आज वह खूनी नहर बन चुकी है. लोगों ने इस नहर को सुसाइड पॉइंट बना लिया है. लूटपाट करने वाले लोग भी इस नहर का इस्तेमाल करते हैं.आकाश बताते हैं कि पिछले दो तीन सालों में इस नहर में घटनाएं ज्यादा बढ़ी हैं. बुजुर्ग लोग पहले बताते थे कि इस नहर का पानी इतना साफ था कि लोग इसे पीने के लिए भी इस्तेमाल करते थे. अब स्थिति यह है कि यह पानी पीने के लिए तो दूर, सिंचाई के लिए भी ठीक नहीं है. जिन गांवों से होकर यह नहर गुजरती है, वहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी फैलने की बात भी सामने आती रही है. सरकार से मेरी गुजारिश है कि नहर के किनारों पर मजबूत तार की फेंसिंग की जाए, ताकि कोई इसमें छलांग लगाकर अपनी जान न गंवा सके.












