
Gurugram Set for New University: हरियाणा के हाईटेक शहर गुरुग्राम को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। शहर में जल्द ही मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी की स्थापना का रास्ता साफ हो सकता है। हरियाणा कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना गुरुग्राम के शांति फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से की जाएगी। प्रस्तावित मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी के लिए करीब 5.14 एकड़ जमीन उपलब्ध है। खास बात यह है कि इस जमीन पर पहले से ही 1.07 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में भवन तैयार है।
इससे विश्वविद्यालय के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने में काफी मदद मिलेगी। प्रस्ताव के अनुसार ट्रस्ट के पास विश्वविद्यालय के लिए जमीन 30 साल की लीज पर है। पहले से बने भवन में करीब 96,600 वर्गफुट शैक्षणिक क्षेत्र है। इसके अलावा करीब 5,400 वर्गफुट प्रशासनिक कामकाज और करीब 5,000 वर्गफुट अन्य सुविधाओं के लिए जगह उपलब्ध है। विश्वविद्यालय के लिए सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि काफी हद तक तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर भी मौजूद है।
युवाओं को मिलेगा नया विकल्प
मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी खुलने से गुरुग्राम और आसपास के इलाकों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक और विकल्प मिलेगा। तेजी से विकसित हो रहे गुरुग्राम में शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थानों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नया विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि इस तरह के विश्वविद्यालयों से प्रदेश में उच्च शिक्षा की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थानों की भागीदारी भी बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग तरह के पाठ्यक्रम और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
प्रस्ताव की कई स्तरों पर हुई जांच
मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव की प्रक्रिया में कई जरूरी जांच की गई हैं। निजी विश्वविद्यालय कानून के तहत गठित अकादमिक और वित्त समिति ने प्रस्ताव की समीक्षा की। इसके अलावा हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरपर्सन की अध्यक्षता वाली समिति ने भी प्रस्ताव पर विचार किया। समिति ने निर्धारित शर्तों के साथ ट्रस्ट को लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने की सिफारिश की थी। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से शर्तों को पूरा करने से संबंधित रिपोर्ट भी जमा कराई गई। अधिकारियों की ओर से इस रिपोर्ट का सत्यापन किया गया है।
इस कानून में किया जाएगा बदलाव
विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट-2006 में संशोधन करना होगा। इसके लिए सरकार विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश करेगी। कैबिनेट ने इस विधेयक को लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब विधानसभा में विधेयक पेश किया जाएगा। इसके पारित होने के बाद ही मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी को औपचारिक रूप से स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। अभी विश्वविद्यालय की स्थापना की कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य से जुड़ी पहल
सरकार ने इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP 2020) के लक्ष्य से भी जोड़ा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नए विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ने से ज्यादा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने में मदद मिल सकती है। गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तैयार भवन और उपलब्ध जमीन के कारण विश्वविद्यालय के लिए बुनियादी ढांचे का एक बड़ा हिस्सा पहले से मौजूद है।












