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Shooter Neeru Dhanda Story: जापान में एशियन गेम्स में 2026 में हरियाणा के जींद की नीरू ढांडा ने जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स में शूटिंग में दो गोल्ड मेडल जीते. गरीबी रेखा से नीचे होने के बावजूद नीरू ने यह उपलब्धि हासिल की. जींद की रहने वाली नीरू के परिवार में माता पिता, बहन और एक भाई है.
नीरू की मां सुदेश ने बताया कि वह गरीबी रेखा के नीचे हैं और बीपीएल के तहत राशन लेने के लिए डिपो गई थी.
जींद. हरियाणा के जींद की नीरु ढांडा ने जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीते हैं. शूटिंग में नीरू ने कमाल किया है. जींद के गांव संगतपुरा की 26 वर्षीय शूटर नीरू ढांडा की मां ने बेटी के बारे में अहम खुलासे किए.
नीरू की मां सुदेश ने बताया कि वह गरीबी रेखा के नीचे हैं और बीपीएल के तहत राशन लेने के लिए डिपो गई थी. 2025 में उनकी बेटी सेना में नायब सूबेदार लगी थी और स्पोर्ट्स कोटे से लगी थी. मां कहती है कि उन्हें बेटी के पदक जीतने की जानकारी नहीं थी. लेकिन चंडीगढ़ से किसी पत्रकार ने उन्हें फोन किया और बताया कि आपकी बेटी ने गोल्ड मेडल जीत लिया है. नीरू ने वर्ष 2019 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद से खेलों में लगातार मेहनत की.
सुदेश कहती हैं कि उन्होंने पत्रकार को कहा कि वह तो सिल्वर मेडल जीती थी. लेकिन फिर कहा कि नहीं अब गोल्ड जीती है. नीरू की मां ने बताया कि उसकी दो बेटियां और एक बेटा है. एक बेटी की शादी हो चुकी है. गौर रहे कि नीरू की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है. क्योंकि घर की हालत अच्छी नहीं है. दीवारों पर सिलन है और प्लास्टर के ऊपर पेंट भी नहीं किया गया है.
एशियन गेम्स से पहले हो गई थी बीमार
मां कहती हैं कि मुझे इतनी खुशी है कि मन कर रहा है कि अपनी छाती फाड़ दूं. वह कहती हैं कि नीरू ने काफी मेहनत की है. मुझे इतनी खुशी हुई कि वह डिपो से एक पूरी बोरी खुद उठा लाईं. गौर रहे कि नीरू एशियन गेम्स में महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी हैं. एशियन गेम्स से पहले नीरू को डेंगू हो गया था. और करीब 10 दिन अस्पताल में भर्ती रही. भारतीय टीम 16 सितंबर को जापान रवाना हुई थी, जबकि बीमारी के कारण नीरू 21 सितंबर को जापान पहुंचीं थी.
नीरू के घर पर अब बधाई देने वालों का तांता लगा है.
नीरू की मां ने बताया कि उनकी बेटी मध्य प्रदेश की स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की ओर से खेल रही थी और खेल के दौरान उसे सरकार की तरफ से भी काफी मदद मिली. नीरू की मां ने कहा कि जब नीरू गांव लौटकर आएगी तो उसका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया जाएगा. बेटी के स्वागत में चूरमा बनाया जाएगा. गांव की बेटी की इस उपलब्धि से ग्रामीणों में भी उत्साह है और सभी को उसके गांव लौटने का इंतजार है. अब गांव की बेटी के स्वर्ण पदक जीतने से संगतपुरा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है.
सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि म्हारी धाकड़ बेटी नीरू नै तो सोने-चांदी की बरसात करदी. एशियन गेम्स 2026 के ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में लाडो नीरू ने कियानन चेनाई के साथ मिलकर स्वर्ण पदक हासिल किया. बेहतरीन तालमेल, सटीक निशाने और शानदार प्रदर्शन के साथ मिली यह उपलब्धि भारत के लिए गौरव का क्षण है. आप दोनों के उज्ज्वल भविष्य कामना करता हूं.
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Vinod Kumar Katwal is a Senior journalist with over 14 years of experience across print and digital media. He currently serves as a Senior Correspondent at News 18 Hindi, leading Himachal Pradesh, Chandigarh an…
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