Child Health Care Tips: रोटी-दाल छोड़ बच्चे खा रहे पिज्जा-बर्गर? बदलती डाइट सेहत के लिए खतरनाक, डॉक्टर ने दी खास सलाह

On: August 14, 2026 7:57 PM
Follow Us:

अंबाला: आजकल बच्चों के टिफिन में घर की रोटी-सब्जी की जगह पिज्जा, बर्गर, चाउमीन और पैकेट बंद स्नैक्स ने जगह बना ली है. दरअसल स्कूल से लौटते ही भूख लगने पर बच्चे फल या घर का बना नाश्ता खाने के बजाय चिप्स, भुजिया, नमकीन और अन्य जंक फूड की तरफ बढ़ रहे हैं. स्वाद के लिए शुरू हुई यह आदत अब बच्चों की सेहत पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है. बदलती जीवनशैली और खान-पान की खराब आदतों के बीच फैटी लीवर जैसी समस्या अब केवल बड़ों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों और युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं.

बता दें कि अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों पेट दर्द, गैस, कब्ज और लीवर से जुड़ी शिकायतों वाले मरीज पहुंच रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन करीब 25 से 30 मरीज लीवर संबंधी परेशानी लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या भी काफी देखने को मिल रही है. चिकित्सकों के अनुसार, लगातार जंक फूड और पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और असंतुलित खान-पान फैटी लीवर की समस्या का बड़ा कारण बन सकता है.

जंक फूड का सेवन चिंता का विषय
वही अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने लोकल 18 को बताया कि बच्चों में जंक फूड का बढ़ता सेवन चिंता का विषय है. उन्होंने फास्ट फूड को ‘मीठा जहर’ बताते हुए कहा कि इसका लगातार सेवन शरीर में अतिरिक्त वसा बढ़ा सकता है और लीवर की कोशिकाओं में फैट जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है. इससे धीरे-धीरे लीवर प्रभावित होने लगता है.

डॉ. रजिता के मुताबिक, बच्चों में शुरुआत में पेट दर्द, गैस, कब्ज, सुस्ती या पेट बाहर निकलने जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कई बार माता-पिता इन्हें मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समस्या लगातार बनी रहे तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों के माध्यम से लीवर की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

सुबह, दोपहर और शाम में क्या खाएं?
उन्होंने बताया कि बच्चों में सुबह और शाम के समय पैकेट बंद खाद्य पदार्थ, भुजिया, नमकीन और मैदे से बनी चीजों का सेवन बढ़ गया है. इसके साथ ही मीठे पेय और कम पानी पीने की आदत भी समस्या को बढ़ा सकती है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की डाइट पर विशेष ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चों की डाइट में ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, दालें और साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए. सुबह की शुरुआत पर्याप्त पानी, फल या थोड़े ड्राई फ्रूट्स से की जा सकती है. दोपहर के भोजन में दाल, रोटी, हरी सब्जी और सलाद बेहतर विकल्प है. वहीं रात का खाना हल्का रखने के साथ नियमित व्यायाम और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए.

गुणवत्ता पर नियंत्रण रखना जरूरी
डॉ. रजिता ने कहा कि यदि बच्चे जंक फूड छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, तो अभिभावक घर पर ही पिज्जा, बर्गर या अन्य पसंदीदा स्नैक्स को अपेक्षाकृत स्वस्थ तरीके से बनाकर दे सकते हैं. इससे इस्तेमाल होने वाले तेल और सामग्री की गुणवत्ता पर नियंत्रण रहेगा. उन्होंने बाजार में बार-बार इस्तेमाल किए जाने वाले तेल से तैयार खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी. उन्होंने बच्चों को कोल्ड ड्रिंक की जगह पानी, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे विकल्प देने की सलाह दी.

इसके साथ ही डॉक्टर ने दूध को भी संतुलित आहार का हिस्सा बताया. लगातार पेट दर्द, गैस, कब्ज या अन्य परेशानी को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. किसी भी तरह की समस्या होने पर अपनी मर्जी से दवा लेने के बजाय नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करवानी चाहिए.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

Tori Farming : तोरी में कीड़ों ने मचाई तबाही, फरीदाबाद के किसान ने खोजा अनोखा जुगाड़, 500 रुपये से बचा रहा फसल

भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की नहीं हुई थी हत्या, CBI की क्लोजर रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पिता बोले-अब अच्छा से वकील देखेंगे

भीड़ में गैस का टैंकर फंसाया, अंबाला में हंगामे पर एसपी का बड़ी साजिश का दावा, 7 जवान ICU में भर्ती

अंबाला का 200 साल पुराना चमत्कारी हनुमान मंदिर, जहां स्टेशन से निकलते ही भक्त सबसे पहले टेकते हैं माथा

आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठियां भांजीं, अंबाला में क्यों बरपा हंगामा, क्या है पूरा विवाद? DSP का अंगूठा कटा, 7 पुलिस जवान घायल

Ambala Protest: हाईवे जाम, DSP का हाथ कटा, गुरसिमरन सिंह मंड की गिरफ्तारी को लेकर अंबाला में बवाल | State